- गन्ना

गन्ना गन्ना

गन्ने का आम ज़ंग

फफूंद

Puccinia melanocephala


संक्षेप में

  • प्रारंभिक लक्षणों में पत्तियों पर लंबे पीलापन लिए हुए धब्बे शामिल हैं.
  • धब्बे धीरे-धीरे लालिमा लिए हुए कत्थई रंग में रंग बदल जाते हैं.
  • अत्यधिक प्रभावित पत्तियां परिगलित हो सकती हैं।.
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गन्ना गन्ना

लक्षण

गन्ने के आम ज़ंग के प्रारंभिक लक्षणों में पत्तियों पर करीब 1-4 मिमी के लम्बाई में पीलापन लिए हुए धब्बे शामिल हैं। रोग के विकास के साथ धब्बे (प्राथमिक रूप से पत्तियों की निचली सतह पर) पत्तियों की शिरा रचना के समांतर लम्बाई में बढ़ते हैं। ये लम्बाई में 20 मिमी तथा चौड़ाई में एक से तीन मिमी तक बढ़ जाते हैं। ये एक हल्की किन्तु निश्चित हरितहीन आभामंडल वाले नारंगी-कत्थई या लाल-कत्थई घाव में बदल जाते हैं। बाद में, ज़ंग के छाले गल जाते हैं। इसके कारण पत्ती की ऊपरी त्वचा फट जाती है और परिगलित क्षेत्र का विकास होता है। घाव आम तौर पर पत्ती के सिरे की ओर बहुतायत में होते हैं तथा आधार के पास आते-आते इनकी संख्या कम हो जाती है।

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प्रभावित फसलें

ट्रिगर

सामान्य ज़ंग के लिए 98% सापेक्ष आर्द्रता तथा ठंडी रातों के बाद 20 डिग्री से 25 डिग्री तापमान वाले गर्म दिन अनुकूल होते हैं। पत्तियों का लगातार गीलापन (नौ घंटे या अधिक) भी रोग के फैलाव में सहायक होता है। अनुकूल परिस्थितियों में आम ज़ंग (प्युचिनिया मेलानोसेफ़ाला) का संक्रमण चक्र 14 दिनों से कम लंबा होता है। ढाई महीने की उम्र के पौधे आम ज़ंग के प्रति सर्वाधिक संवेदनशील होते हैं।

जैविक नियंत्रण

माफ़ कीजियेगा, हमें प्युचिनिया मेलानोसेफ़ाला के विरुद्ध कोई वैकल्पिक उपचार ज्ञात नहीं है। यदि आप ऐसा कुछ जानते हों जिससे इस रोग का सामना करने में सहायता मिले, तो कृपया हमसे संपर्क करें। हम आपके सुझावों की प्रतीक्षा रहेगी।

रासायनिक नियंत्रण

हमेशा समवेत उपायों का प्रयोग करना चाहिए, जिसमें रोकथाम के उपायों के साथ जैविक उपचार, यदि उपलब्ध हो, का उपयोग किया जाए। कवक रोधकों से उपचार आर्थिक रूप से अनुकूल तथा व्यवहारिक नहीं होता।

निवारक उपाय

  • प्रतिरोधक फसल उगायें.
  • मिट्टी के संतुलित पोषण स्तर को सुनिश्चित रखें.
  • विकास के दौरान मिट्टी को पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करें.
  • बुआई के लिए लम्बी हल-रेखा या युग्मों में रोपाई करें.
  • प्रभावित फसल के कटने के बाद के अवशेषों तथा कचरे को हटा कर जला दें।.

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