- शिमला मिर्च एवं मिर्च

शिमला मिर्च एवं मिर्च शिमला मिर्च एवं मिर्च

ब्रॉड कीट (कुटकी)

घुन

Polyphagotarsonemus latus


संक्षेप में

  • पत्तियों, पत्ती की कलियों, फूलों की कलियों और फलों के रंगों में परिवर्तन और विकृति.
  • पत्तियों का मुड़ना तथा मोटा होना.
  • अवरुद्ध विकास.
  • टहनियों अंदर ही मर सकतीं है।.
 - शिमला मिर्च एवं मिर्च

शिमला मिर्च एवं मिर्च शिमला मिर्च एवं मिर्च

लक्षण

इसमें होने वाले नुकसान अक्सर शाकनाशी के दुरुपयोग और पोषक तत्वों की कमी की वजह से हुई क्षति के समान दिखते है। पत्तियां मुड़ जाती है तथा, मोटी और भूरी हो जाती हैं। नीचे की ओर मुख्य नसों के बीच कॉर्की भूरे रंग के क्षेत्र दिखाई देते हैं। खिले हुए पत्ते समाप्त हो जाते हैं और युवा पत्ते अक्सर विकृत हो जाते हैं। जब जनसंख्या का घनत्व अधिक होता है तो तनों में अवरूद्ध विकास और मुरझाने की प्रक्रिया देखी जा सकती है। कीटों को नुकसान पहुंचने से फलों के चांदी रंग और कार्की भूरे रंग के क्षेत्र की उपस्थिति होती है।

मोबाइल फसल चिकित्सक की सहायता से अपनी उपज बढ़ाएं!

इसे अभी निशुल्क प्राप्त करें!

प्रभावित फसलें

ट्रिगर

ब्रॉड कीट (कुटकी) नए पत्ते और कलियों में छिद्र कर देते हैं और घाव से निकलने वाले रस को चूसते हैं। उनके लार में पौधे के हॉर्मोन जैसे पदार्थ होते हैं जो ऊतक को विकृत कर देते हैं। कीड़े बहुत ही छोटे होते हैं और इसे हाथ के लेंस के बिना देखा नहीं जा सकता है। वयस्क 0.2 मिमी लंबे और अंडाकार होते है। रंग पीले और हरे रंग के बीच भिन्न होता है। वयस्क मादाएं प्रति दिन लगभग पांच अंडे या तो पत्तियों के नीचे या फलों के निचले स्तर पर देती हैं। दो या तीन दिनों में लार्वा अंडे से निकल जाते हैं। कीटों का फैलाव तब तक बहुत धीमा होता है, जब तक कि वे किसी वाहक के रूप में कीट का उपयोग न करें या हवा से न फैल जाएं। यह प्रजाति ग्रीन हाउस में उपस्थित गर्म उमसदार जैसी स्थितियों में पैदा होती है।

जैविक नियंत्रण

संक्रमण के बाद रोगों को नियंत्रित करने के लिए ब्रॉडकीट के प्राकृतिक शिकारियों जैसे न्योसिय्यूलस क्यूक्युमरिस और अंबिलियस मॉंटडोरेन्सिस का प्रयोग करें। इसके अलावा लहसुन के छिड़काव और कीटनाशक साबुन का भी प्रयोग करने की कोशिश करें। युवा पौधे के गर्म पानी के उपचार (43 डिग्री सेल्सियस से 49 डिग्री सेल्सियस पर 15 मिनट के लिए) भी घुन संक्रमण पर नियंत्रण करने में मदद करते हैं।

रासायनिक नियंत्रण

यदि उपलब्ध हो, तो जैविक उपचार के साथ निवारक उपायों की एक एकीकृत दृष्टिकोण पर विचार करें। केवल काफी अधिक कीट होने की स्थिति में ही रसायनों का अनुप्रयोग करें। घुन को छोटे-छोटे जीवन चक्रों के कारण रासायनिक उपचारों का अनुप्रयोग करके नियंत्रित करना काफी मुश्किल होता है जिससे उनमें प्रतिरोधकता बढ़ सकती है। यदि वास्तव में कीटनाशी आवश्यक हैं, तो एबमेसिटीन, स्पिरोमेसिफिन अथवा पायरिडीन वाले उत्पादों का छिड़काव करें।

निवारक उपाय

  • संक्रमित फसलों के आगे हवा की दिशा में फसल न लगाएं.
  • संक्रमित फसलों के बाद स्वस्थ फसलों को न लगाएं.
  • स्वस्थ पौधोंको संक्रमण से बचाने के लिए लक्षणो वाले तथा उनके साथ के पौधों को निकालें.
  • कीटनाशकों के अत्यधिक अनुप्रयोग को कम करके प्राकृतिक परभक्षियों का समर्थन करें.
  • पौधों पर चींटियों को दूर रखने वाले जाल को लगाने का ध्यान रखें.
  • फसल के काटने के बाद पौधे के अवशिष्टों को निकालें दें और इन्हें नष्ट कर दें , और अन्य फसलों को रोपने से पहले कम से कम एक हफ्ते तक प्रतीक्षा करें।.

मोबाइल फसल चिकित्सक की सहायता से अपनी उपज बढ़ाएं!

इसे अभी निशुल्क प्राप्त करें!